मुहब्बत का नशा – Faraz Shayari

 

मुहब्बत का नशा – Faraz Shayari

कुछ मुहब्बत का नशा था पहले हमको “फ़राज़.

दिल जो टूटा तो नशे से मुहब्बत हो गई 

 

 

 

Kuchh muhabbat ka nasha tha pahale hamako “Faraz

Dil jo toota to nashe se muhabbat ho gaee.

 

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